Friday, August 16, 2019

85 --लिखना जरूरी है तरन्नुम में मगर ठगे जाने का सारा बही खाता हिसाब

स्नेहाभिवादन !
आज की सांध्यकालीन प्रस्तुति में
आप का स्वागत है --
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देखिए 
इस नन्हें बालक की मुस्कुराहट को
नज़र आएगी एकप्यारी सी मुस्काती कविता….
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समाई हुई हैं इसी जिन्दगी में…

यशोदा अग्रवाल

देखिए इस नन्हें बालक
की मुस्कुराहट को
नज़र आएगी एक
प्यारी सी
मुस्काती कविता....
दिखने वाली
सभी कविताएँ
जिनमें..
हर्ष है और
विषाद भी है

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लिखना जरूरी है

 सारा बही खाता हिसाब

लिखना 
जरूरी है 

तरन्नुम 
में मगर 

ठगे 
जाने का 
सारा 

बही 
खाता हिसाब
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फाइनली हम पणजी में थे.
 खिड़की का पर्दा हटाया तो सामने समन्दर 
मुस्कुराता मिला.जैसे वो मेरे सब्र का इम्तिहान ले रहा हो. 
शाम करीब थी और समन्दर सामने. मैं लहरों का 
उछाल देख पा रही थी,
 आवाज सुन पा रही थी बस हाथ बढ़ाने की देरी थी...
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 पतंग

Kite, Fly, Wind, Fun, Kite, Kite, Kite 

दुकानों में सजी पतंगें 
बहुत ललचाती हैं,
पर उनसे ज़्यादा ललचाती हैं 
वे पतंगें,जो कट जाती हैं.

ऐसी पतंगों के पीछे 
लोग पागल हो जाते हैं,
उन्हें पाने के लिए 
दौड़ते हैं, झगड़ते हैं.
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 ... डॉ. वर्षा सिंह 

आज़ादी के गीत हमेशा गाएंगे । 
अपना प्यारा परचम हम लहराएंगे 

संघर्षों के बाद मिली जो आज़ादी , 
उसका हम इतिहास सदा दोहरायेंगे ।
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शुभ संध्या अनीता सैनी

6 comments:

  1. आभार अनीता जी। सुन्दर संकलन।

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  2. बहुत सुन्दर और बेहतरीन संकलन ।

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  3. व्वाहहहह..
    बेहतरीन प्रस्तुति..
    आभार...
    सादर...

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  4. सुन्दर प्रस्तुति. मेरी कविता शामिल की. आभार.

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  5. बहुत सुंदर सांध्य दैनिक
    सभी रचनाएं सार्थक ,सभी रचनाकारों को बधाई।
    मेरी रचना को सांध्य दैनिक में स्थान देने के लिए हृदय तल से आभार।

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