Saturday, December 26, 2020

581 ..ये है उसकी माया, तू क्यूँ भरमाया!

 सांध्य अंक में आप सभी का
स्नेहिल अभिवादन
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दुनिया की वीभत्सता जब भी सताये
अपने मन की दुनिया में डुबकी लगाइये
तनाव और शोरगुल नज़र अंदाज़ कर
प्याले भर स्मृतियों की चुस्की लगाइये

बिला उन्वान

इबादतों को रहने दो ज़ाती दायरे तक ही महदूद,
नशा बना तो नस्ले आदम ही काफ़िर हो जाएगा,

इज़हारे आज़ादी क्या सिर्फ़ उनकी है मिल्कियत,
ज़ुल्म हद से बढ़ा तो हर लब शमशीर हो जाएगा 

कठपुतली

ईश्वर के हाथों, इक कठपुतली हम!
हैं उसके ही ये मेले, उस में ही खेले हम,
किस धुन, जाने कौन यहाँ नाचे!
हम बेखबर, बस अपनी ही गाथा बाँचे,
बनते हैं नादान!

यदि भीतर क्षमा हो 
तो क्षमा निकलेगी ।
और यदि भीतर 
क्रोध, द्वेष, ईर्ष्या,अहंकार 
रूपी आडंबर,गंदगी भरी है
तो जिह्वा मूल से वही निकलेगी ।


लीलती हैं प्राण कितने
भूख ये जो बलवती है
सूखते नयनों के आँसू
पीर बनती पर्वती है
मनुजता सिर को पटकती
धूर्त जब मिलते अनेकों।।


बॉक्सिंग डे को मनाने का कोई बहुत ही कठोर नियम नहीं है।
कभी-कभी जब 26 दिसम्बर को रविवार पड़ जाता है तो  
इसे अगले दिन अर्थात 27 दिसम्बर को और यदि बॉक्सिंग दिवस
शनिवार को पड़ जाये तो उसके बदले में आने वाले
सोमवार को अवकाश दिया जाता है। परन्तु यदि क्रिसमस शनिवार को हो तो क्रिसमस की सुनिश्चित छुट्टी सोमवार 27 दिसम्बर को होती है और
बॉक्सिंग दिवस का सुनिश्चित अवकाश मंगलवार 28 दिसम्बर को होता है
....
कल आएगी दिव्या
सादर 
-श्वेता





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6 comments:

  1. वाह.....
    मेरी रचना के अंश को शीर्षक का रूप देने हेतु, मंच व प्रस्तुतकर्ता का आभारी हूँ।
    इस सुन्दर प्रस्तुति का अंश बन पाया,,,शुक्रिया।

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  2. व्वाहहह...
    शानदार..
    सादर..

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  3. उत्कृष्ट रचनाओं का समन्वय।
    मेरी रचना को भी इस मंच पर स्थान देने के लिए हार्दिक आभार।
    सादर।

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  4. बेहतरीन रचना संकलन,मेरी रचना को स्थान देने के लिए सहृदय आभार 🙏🙏

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  5. सुन्दर संकलन व प्रस्तुति, मेरी रचना को जगह देने हेतु आभार - - नमन सह आदरणीया श्वेता जी।

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  6. सुंदर प्रस्तुति

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