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Thursday, May 7, 2020

347..पूनम का दिन है तो, रात भी पूनम की ही होगी

पूनम का दिन है तो
रात भी पूनम की ही होगी

बुद्ध जयन्ती की शुभकामनाएँ
कुछ तो है इस पूनम में
जो चाँँद शुक्रवार की सुबह तक
दिखाई देगा
अब देखें रचना..

मौसम बड़ा सुहाना है,
हमको घर भी जाना है,
चलो, चलें अब हम-तुम
दोनों करते जाएँ बात।
हम चलते जाएँ साथ।


बड़े बड़े जंग जीते है 
ये भी जीत जायेंगे , 
मन मे रक्खे धीरज 
मुश्किल से निकल जायेंगे , 
ये समय नही सियासी बातों का 
ये समय है जीवन रक्षा का, 


क्यों न आज हम
उन लम्हों की
कसमें खायें
सूर्य,चन्द्र और
अग्नि-वरुण-जल
साथ चले थे.....


मेरे हस्ताक्षर में ... सुबोध सिन्हा

संपूर्ण
पन्ने का
मूल्यांक
और
मूल्यांकन व
अवलोकन को
सत्यापित
करते
हस्ताक्षर
ये सभी तो
होते हैं
हाशिए पर ही ..
..
आज बस
कल फिर
सादर