Wednesday, August 12, 2026

807 ...किशोरी ने बिना कुछ कहे इंसानियत कि सलीका सिखा दिया

 सलीका 

मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर को थाम रक्खा था. 
दिया अपने माता-पिता के साथ काफी शाप मे बैठी थी. तभी बाहर डांटने की 
आवाज सुनकर वह कांच के पास पहुंची. 


एक वृद्ध महिला शेड के नीचे बारिश से बचने की कोशिश कर रही थी
और ठंड से कांप भी रही थी, चौकीदार उसे हटने को कह रहा था,
दिया अपना छाता और काफी का कप लेकर बाहर पहुंची
और मुस्कुराते हुए कहा अम्मा ये छाता रख लीजिये,
और थोड़ा काफी पी लीजिए.
वृद्धा की नम आंखें और चौकीदार की झुकी नजरे बता रही थी कि 
उस किशोरी ने बिना कुछ कहे इंसानियत कि सलीका सिखा दिया

बिना कुछ कहे इंसानियत कि सलीका सिखा दिया

-ऋतु मिश्रा